स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत: राजिम में कचरे का भंडार, पर्यावरण और पशुओं पर संकट
नागेन्द्र निषाद की रिपोर्ट: -
राजिम (छत्तीसगढ़), 8 मई 2025: स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने का दावा करने वाली छत्तीसगढ़ सरकार का स्लोगन "सुंदर, स्वच्छ और सर्वसुविधायुक्त" राजिम में खोखला साबित हो रहा है। नगर पंचायत राजिम द्वारा शहर की गंदगी को हटाकर खुले खेतों और नर्सरियों के आसपास फेंकने का सिलसिला जारी है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन की पोल भी खुल रही है।हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह कचरे का ढेर नजर आ रहा है, वहां से कुछ ही दूरी पर मणि कंचन केंद्र बनाया गया है, जहां कचरे की छंटनी और प्रबंधन का दावा किया जाता है।
लेकिन हकीकत यह है कि यह केंद्र केवल नाममात्र का काम कर रहा है। खुले मैदान में फैले कचरे में सबसे ज्यादा प्लास्टिक की थैलियां दिखाई दे रही हैं, जो पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। सवाल यह उठता है कि नगर पंचायत के जिम्मेदार प्रशासन इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं? पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में कचरा फेंकना न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि यह मिट्टी, पानी और हवा को प्रदूषित करने का बड़ा कारण भी है। इस क्षेत्र में आवारा पशु, खासकर गायें, इस कचरे में से प्लास्टिक खा रही हैं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार पशु प्लास्टिक खाने के कारण बीमार हो चुके हैं और कुछ की मौत भी हो चुकी है। धर्म नगरी के नाम से मशहूर राजिम में कचरे को नदी के किनारे डंप किया जा रहा है, जिसके चलते हवा के साथ कचरा नदी में मिल रहा है। इससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है और जलीय जीवों के लिए खतरा बढ़ रहा है। नगर पंचायत के इस रवैये से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि अगर मणि कंचन केंद्र सही तरीके से काम करे और कचरे का उचित प्रबंधन हो, तो इस समस्या से बचा जा सकता है। प्लास्टिक का कचरा न केवल मिट्टी को बंजर बनाता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन में भी योगदान देता है। प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए और कचरे को रिसाइकिल करने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना चाहिए।"
स्वच्छ भारत मिशन का सपना तब तक अधूरा रहेगा, जब तक जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही नहीं निभाएंगे। राजिम में कचरे का यह भंडार न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि यह शहर की छवि को भी धूमिल कर रहा है। प्रशासन को तत्काल इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत है, ताकि धर्म नगरी राजिम अपनी पहचान को बरकरार रख सके और स्वच्छ भारत मिशन का असली मकसद पूरा हो सके।
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