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नवापारा राजिम, जगह-जगह अवैध रेत भंडारण, रात में डंप, दिन में गायब l

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नवापारा राजिम, क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण का खेल जोरों पर है। राजिम क्षेत्र में अवैध उत्खनन की खबरों के बीच नवापारा-आरंग मार्ग, राजिम में भी जगह-जगह अवैध रूप से रेत का भंडारण किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रेत माफिया रात के अंधेरे में रेत डंप करते हैं और दिन में हाइवा भरकर बेचते हैं। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। राजिम के साथ साथ नवापारा-आरंग मार्ग पर नवागांव, कोलियारी, डंगनिया समेत कई गांवों में सड़क किनारे रेत के बड़े-बड़े पहाड़ देखे जा सकते हैं। ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत राजस्व विभाग तक पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन खनिज विभाग की चुप्पी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध भंडारण पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की सशक्त आवाज बनीं माधुरी साहू, ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ से सम्मानित

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  26 हजार महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार की पुनर्स्थापना से लेकर महिला अधिकार, स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता तक उल्लेखनीय योगदान   रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह 2026’ में अभनपुर क्षेत्र के ग्रामीण अंचल की माधुरी साहू को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘नारी शक्ति सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।    माधुरी साहू ने बिहान एवं महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ मिलकर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें शासकीय योजनाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया है। महिला अधिकार जागरूकता, स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए जागरूकता शिविर तथा किशोरी बालिकाओं में पोषण एवं एनीमिया की रोकथाम जैसे विषयों पर उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं।   महिला स्व-सहायता समूहों के रोजगार एवं आजीविका की पुनर्स्थापना के लिए उठाई गई आवाज उनके सामाजिक नेतृत्व का महत्वपूर्ण उदाहरण है। रेडी टू ईट ...

रेत खदान को लेकर स्क्रीन शॉट और ऑडियो वायरल, रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक खदान चलने का दावा

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गरियाबंद, जिले के फिंगेश्वर विकासखंड से लगे ग्राम नागझर में रेत खदान को लेकर सोशल मीडिया पर एक स्क्रीन शॉट और ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर रेत खदान के रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक संचालित होने की बात कही जा रही है। ऑडियो के माध्यम से रेत उपलब्ध होने का प्रचार-प्रसार किए जाने की बात भी सामने आ रही है। वायरल हो रहे इस ऑडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर रात के समय रेत खदान संचालन और रेत परिवहन की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है। हालांकि, वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर अब खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। यदि ऑडियो में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं, तो संबंधित खदान के संचालन और रेत परिवहन की अनुमति की जांच आवश्यक होगी।

ब्रेकिंग न्यूज़: रेत ट्रैक्टर ने मासूम को रौंदा, मौत के बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर फूंका

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धमतरी। जिले के कुरुद थाना क्षेत्र के नारी गांव में रेत से भरे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने एक मासूम को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक की जमकर पिटाई कर दी और ट्रैक्टर में आग लगा दी। जानकारी के अनुसार नारी गांव में रेत परिवहन में लगे ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार से ग्रामीण पहले से ही नाराज थे। गुरुवार को एक ट्रैक्टर ने गांव के ही एक मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पकड़कर पीटा और रेत से भरे ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया। लगातार हो रहे रेत वाहनों से हादसों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया बेलगाम होकर गांव की सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन दौड़ा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही कुरुद थाना पुलिस मौके पर रवाना हो गई। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी भेजा गया है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

खबर का असर: राजिम पुल की स्ट्रीट लाइटें हुईं चालू, राहगीरों को मिली राहत

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 राजिम। राजिम के महानदी पुल पर पिछले सप्ताहभर से ज्यादा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर प्रकाशित खबर का असर हुआ है। संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए पुल की स्ट्रीट लाइटें दोबारा चालू कर दी हैं। लाइटें जलने के बाद रात के समय पुल पर पसरा अंधेरा दूर हो गया है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को राहत मिली है। गौरतलब है कि महानदी पुल की स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात के समय वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पुल पर अंधेरा होने के साथ ही सड़क की खराब स्थिति और कई बार मवेशियों के सड़क पर बैठे होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए जिम्मेदार विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर स्ट्रीट लाइटों को चालू कराया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बिजली बिल से संबंधित प्रक्रिया में आ रही समस्या का निराकरण कर विद्युत आपूर्ति बहाल की गई है। स्ट्रीट लाइटें चालू होने से स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। लोगों ने समस्या का स...

खबर का असर: राजिम महानदी पुल पर शुरू हुआ मरम्मत कार्य, इंजीनियर नदारद

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राजिम। धर्मनगरी राजिम के महानदी उच्चस्तरीय पुल पर 15 दिनों से बंद पड़ी लाइट और 52 जगहों पर बने गड्ढों की खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार जिम्मेदार विभाग जागा है। विभाग ने आनन-फानन में पुल पर गड्ढों का मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। सुबह से ही पुल पर गिट्टी और और सीमेंट से गड्ढों को भरने का काम चल रहा है। बरसात में पुल की सड़क जगह-जगह से उखड़ गई थी, सरिया बाहर निकल आया था, जिससे आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे थे। 52 गड्ढों की मरम्मत का कार्य विभाग ने शुरू तो किया, लेकिन गुणवत्ता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मरम्मत स्थल पर विभाग का कोई जिम्मेदार इंजीनियर मौजूद नहीं था। पूरा काम सुपरवाइजर और ठेका मजदूरों के भरोसे कराया जा रहा है। बिना इंजीनियर की देखरेख में हो रही मरम्मत कितनी टिकाऊ होगी, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर 15 दिन में विभाग खानापूर्ति के लिए गड्ढों में गिट्टी डाल देता है, जो बारिश में ही बह जाती है। पिछले दो महीनों में तीसरी बार इस पुल पर इसी तरह लीपापोती की जा रही है। विभाग अब तक इस पुल के लिए कोई ठोस और स्थाई समाधान नहीं निकाल पाय...

खुली पोल: 15 दिन से अंधेरे में डूबा पुल, 52 गड्ढों के बीच हादसे को न्योता, जिम्मेदारों की आंखें बन्द

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राजिम। धर्मनगरी राजिम के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले महानदी उच्चस्तरीय पुल पर पिछले 15 दिनों से लाइटें बंद पड़ी हैं। रायपुर और गरियाबंद जिले को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल पर अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे रात में आवाजाही करने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह पुल राजधानी रायपुर को गरियाबंद, छुरा, मैनपुर और ओडिशा से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन यहां से लाखों लोगों का आना-जाना होता है। दिन में 52 जगहों पर छोटे-बड़े गड्ढे और उखड़ी सड़क लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है, तो रात में अंधेरे के कारण खतरा और बढ़ जाता है। गड्ढों में सरिया तक बाहर निकली हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय पुल पर स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। अंधेरे में गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। आश्चर्य की बात यह है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का इसी पुल से रोज आना-जाना होता है, फिर भी 15 दिनों से बंद पड़ी लाइटों की ...