राजिम के विश्व प्रसिद्ध श्री कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को भक्तों का उमड़ा सैलाब
गोबरा नवापारा : सावन माह के पहले सोमवार को विश्व प्रसिद्ध बाबा श्री कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम—पैरी, सोंढूर और महानदी—के पावन तट पर बने इस प्राचीन मंदिर में सुबह 4 बजे से ही शिव भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश-प्रदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर अपनी आस्था अर्पित की।
मान्यता है कि इस मंदिर का शिवलिंग स्वयं माता सीता ने अपने हाथों से वनवास काल के दौरान बनाया था। यह पवित्र स्थल भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है, जहां हर मनोकामना पूर्ण होने का विश्वास है। त्रिवेणी संगम के किनारे स्थित होने के कारण इस मंदिर की महिमा और भी बढ़ जाती है, क्योंकि यह स्थान आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पवित्र माना जाता है। सावन माह में यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, क्योंकि यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है।
सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। "बोल बम" और "ॐ नमः शिवाय" के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, जिसने वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना दिया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए बोल बम कांवरिए अपनी कांवर लेकर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। भक्तों में युवा, वृद्ध, महिलाएं और बच्चे सभी शामिल थे, जो भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट आस्था के साथ मंदिर पहुंचे।
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही, मंदिर प्रबंधन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं, जिसमें पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था शामिल थी।
इस पावन अवसर पर राजीव लोचन मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष महंत राम सुंदरदास जी ने भगवान कुलेश्वर नाथ महादेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा की अध्यक्ष ओम कुमारी संजय साहू, संजय साहू, चंद्रिका साहू, हीरा निषाद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मंदिर में पहुंचे भक्तों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा कुलेश्वर नाथ के दर्शन और जलाभिषेक से उन्हें अपार शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कई भक्तों ने बताया कि वे हर साल सावन में इस मंदिर में आते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कांवरियों ने भी अपनी यात्रा को भक्ति और समर्पण का प्रतीक बताया।
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान भक्त व्रत, पूजा, और जलाभिषेक के माध्यम से भोलेनाथ को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। राजिम का कुलेश्वर नाथ मंदिर इस दौरान आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है, जहां भक्तों का उत्साह और भक्ति चरम पर होती है।
यह पवित्र आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को भी दर्शाता है। मंदिर का यह उत्सव श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया, जो भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को और मजबूत करता है।
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