श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर राजिम मेला मैदान में भक्तिमय माहौल, संजय पांडेय जी महाराज ने दी भक्ति की शिक्षा



राजिम, मेला मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धेय कथावाचक श्री संजय पांडेय जी महाराज ने भक्तों को भगवान की दिव्य लीलाओं और भक्ति के गहन महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया। अपने मधुर प्रवचन में महाराज श्री ने भक्ति को जीवन का सर्वोच्च एवं सबसे सरल मार्ग बताते हुए कहा कि सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर जीवन के समस्त कष्ट स्वतः दूर हो जाते हैं। उन्होंने धर्म, सेवा, सत्संग तथा पूर्ण समर्पण के माध्यम से ईश्वर से निकटता प्राप्त करने पर विशेष बल दिया।
महाराज श्री के प्रवचन के साथ-साथ उनके द्वारा गाए गए भजन और कीर्तन से पूरा कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं तथा भगवान की महिमा में लीन होकर आनंद प्राप्त कर रहे हैं। यह पावन आयोजन मिश्रा परिवार द्वारा स्वर्गीय ईश्वरी प्रसाद मिश्रा जी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जो भक्ति और श्रद्धा का अनुपम संगम बन चुका है।
कथा के समापन पर सामूहिक आरती हुई, जिसके बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। यह कार्यक्रम राजिम में आध्यात्मिक उत्साह का केंद्र बना हुआ है, जहां भक्त भगवान की कृपा की कामना कर रहे हैं।

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