राजिम में कुलेश्वर मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग की छापेमारी, झोलाछाप डॉक्टरों पर लगेगा लगाम, नशीली दवाओं का मिला जखीरा l


राजिम, छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम में स्थित कुलेश्वर मेडिकल स्टोर पर आज राज्य शासन एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधी प्रशासन जिला गरियाबंद के निर्देशन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की। जिसमें तीन औषधि निरीक्षकों— धर्म वीर सिंह ध्रुव, सुनील खराँसु, और सतीश सोनी—की विशेष टीम ने स्टोर का औचक निरीक्षण किया। दिन भर चली गहन जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें एक्सपायरी दवाएं, नियर-एक्सपायरी दवाएं, और नशीली दवाओं का अवैध भंडारण शामिल है।

औषधि निरीक्षकों ने बताया कि कुलेश्वर मेडिकल स्टोर के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि यह स्टोर राजिम और आसपास के इलाकों में झोला छाप डॉक्टरों को नियम-विरुद्ध तरीके से दवाओं की सप्लाई कर रहा है। इन शिकायतों के आधार पर विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई। निरीक्षकों ने स्टोर में रखी दवाओं, उनके रिकॉर्ड, और बिक्री के दस्तावेजों की गहन जांच की। इस दौरान पाया गया कि स्टोर में कई ऐसी दवाएं मौजूद थीं, जिनकी मियाद (एक्सपायरी डेट) खत्म हो चुकी थी या जल्द खत्म होने वाली थी। इसके अलावा, नशीली दवाओं का भंडार भी बरामद हुआ, जिनके लिए आवश्यक दस्तावेज और लाइसेंस स्टोर संचालक उपलब्ध नहीं करा सका।
जांच में यह भी सामने आया कि कुलेश्वर मेडिकल स्टोर में दवा बिक्री के लिए निर्धारित नियमों और कायदों का पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षकों ने पाया कि स्टोर में बिक्री का लेखा-जोखा ठीक तरह से मेंटेन नहीं था। लाखों रुपये की दवाओं की बिक्री बिना बिल काटे की गई, जो कि औषधि नियंत्रण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। नशीली दवाओं के लिए अनिवार्य दस्तावेज, जैसे कि बिक्री रजिस्टर और संबंधित परमिट, भी स्टोर में नहीं मिले। निरीक्षकों ने इन सभी अनियमितताओं का पंचनामा तैयार किया और स्टोर के लेखा-जोखा को जब्त कर लिया।
टीम ने कुलेश्वर मेडिकल स्टोर के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें सभी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। संचालक को जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है, जिसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षकों ने बताया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो स्टोर का लाइसेंस रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक के कदम उठाए जा सकते हैं।
यह कार्रवाई गरियाबंद जिले में लंबे समय बाद औषधि विभाग विभाग की ओर से की गई, जिससे क्षेत्र में अवैध दवा कारोबार पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या यह कार्रवाई निष्पक्ष और प्रभावी रहेगी या राजनीतिक दबाव के चलते इसे दबा दिया जाएगा। कई लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले पहले भी सामने आए हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई की कमी के कारण अवैध दवा कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।
औषधि निरीक्षकों ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार और अनियमितताओं के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जनहित में ऐसी कार्रवाइयां समय-समय पर की जाती रहेंगी, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और मानक दवाएं उपलब्ध हो सकें। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता और कठोरता के साथ कार्रवाई की जाएगी I
कुलेश्वर मेडिकल स्टोर के खिलाफ की गई इस कार्रवाई ने राजिम और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मचा दिया है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला दस्तावेजी औपचारिकता तक सीमित रह जाएगा। औषधि विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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