मगरलोड क्षेत्र में अवैध रेत खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा
माफिया और शासन प्रशासन की मिलीभगत होने से इन्कार नहीं किया जा सकता
धमतरी मगरलोड, गलत कार्य को रोकने की जिम्मेदारी जिस पर है वहीं अगर अपनी जिम्मेदारी से विमुख हो जाएं इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है?जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व के लिए लिए चिंता का विषय बना हुआ है इसके समाधान के लिए विश्व के सभी देश इस समस्या से निजात पाने के लिए कड़े फैसले ले रहें हैं वही भारत भी जीरो कार्बन उत्सर्जन की दिशा के साथ साथ पर्यावरण को बचाए रखने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं किन्तु इस प्रयासों पर पलीता आज कल माफिया लगा रहे हैं चाहे वो वन माफिया, खनिज माफिया, या फिर अन्य अवैध रुप से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले वाले माफियाओं के विरुध्द प्रशासन कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पा रही है l
आपको बता दें कि धमतरी जिले के मगरलोड तहसील मुख्यालय के हतबंध व कुल्हाड़ी गांव जो की पैरी नदी के तट पर बसा हुआ है इस नदी तट पर कई महीनों से अवैध रेत का काला कारोबार चल रहा है जिससे पर्यावरण के साथ साथ सरकारी राजस्व को काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है l कही ना कही ये अंदेशा लगाया जा सकता है कि किसी राजनीतिक पार्टी के उच्च पदाधिकारियों के सरंक्षण में ही ये अवैध रेत खनन व परिवहन बेखौफ चल रहा है ।5 से 7 पोकलेन मशीन और दर्जनों की संख्या में हाईवा वाहनों का रेला पैरी नदी पर दिन रात लगा हुआ है l इन रेत माफियाओं का थोड़ा भी अपने आने वाले भविष्य की चिंता नहीं है और ना ही पर्यावरण को लेकर कोई संवेदना नहीं है इससे साफ होता है कि चंद पैसों के लिए ये माफिया कलयुगी राक्षस बन गंगा रूपी नदी का सीना चीर कर अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं l
मगरलोड के हतबंध पैरी नदी पर रेत खनन को लेकर कुरूद एसडीएम सोनाल डेविड से बात करने पर उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में माइनिंग को नोट कराता हूं मेरा क्षेत्र नहीं है फिर भी मैं बताता हूं साथ ही आगे उन्होंने कहा कि नगरी में या फिर धमतरी में आता होगा कहा वहीं एसडीएम कुरूद से खनिज विभाग के अधिकारी का नम्बर लिया गया जिसके बाद खनिज अधिकारी के इस 90989 73959 नम्बर पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन अधिकारी ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा l
साथ ही मगरलोड तहसीलदार प्रेमुलाल साहू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हतबंध नायब तहसीलदार के क्षेत्र में आता है इस सम्बन्ध में माइनिंग से बात करता हूं कह कर फोन कट कर दिया गया इससे स्पष्ट होता है कि क्या केवल खनिज संपदा का अवैध दोहन के लिए राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को भी कार्यवाही करने का अधिकार है किंतु जानकारी से अवगत कराने के भी अपनी जिम्मेदारी से कैसे पल्ला झाड़ रहे हैं यह देखा जा सकता है l
कहीं ना कहीं ये अंदेशा लगाया जा सकता है कि इन अवैध रेत खनन में माफियाओ का शासन प्रशासन के जि़म्मेदार लोगों के आपसी मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फलफूल रहा है l
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