गुलाबी ठंड के चलते गांव के बच्चे भी स्केटिंग में दिखा रहे दिलचस्पी
राजिम 1 दिसंबर। मौसम के बदलते मिजाज और गुलाबी ठंड के चलते सुबह-सुबह लोग टहलने के लिए सड़क,पुल, पुलिया तथा घर के छतों पर भी कदमताल करते हुए देखे जा रहे हैं। इन दिनों छोटे बच्चे भी घर से बाहर निकल रहे हैं। एक समय था स्केटिंग का जलवा मात्रा शहरों में ही दिखाई देता था लेकिन आज गांव में भी बच्चे स्केटिंग कर रहे हैं। चौबेबांधा के खिलेंद्र सोनकर की दिलचस्पी स्केटिंग पर पिछले साल से थी वह जन्मदिन पर अपने पिता से आखिरकार स्केटिंग खरीदवा ही लिया और अब सुबह-सुबह स्केटिंग करना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल से स्केटिंग करते हुए वीडियो देखा था मुझे लगा कि मैं भी बढ़िया स्केटर बन सकता हूं। एक-दो दिन में मुझे चलना आ गया और अब तो सड़कों पर चल रहा हूं। बताना होगा कि शहर के पथर्रा रोड, पुरानी नेहरू पुल, गौरव पथ आदि में यह दृश्य कभी कभार देखे जाते हैं। बताया जाता है कि स्केटिंग उतना ही आसान और सुरक्षित है जितना दूसरे गेम खेलना। आजकल बड़े शहरों के बहुत से स्कूलों में स्केटिंग सिखाई जाती है। यह केवल मनोरंजन का साधन ही नहीं है बल्कि इससे करियर भी बनाया जा सकता है। देश में बहुत से प्रशिक्षण केंद्र है जिसमें बच्चे चुनकर दूसरे देशों में चैंपियनशिप के लिए भेजे जाते हैं परंतु शहर के स्कूलों में अभी तक ऐसा कोई जानकारी नहीं मिली है। राजिम जिले का तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। बावजूद इसके स्केटिंग के लिए कोई प्रशिक्षण केंद्र नहीं है। हालांकि सड़कों या फिर गली मोहल्ले पर बच्चे स्केटिंग करते रहते हैं परंतु गाइड करने वाला नहीं होने के कारण उनकी बारीकियां पर जानकारियां नहीं मिल पा रही है। ज्यादातर तीन तरह के स्केटिंग किए जाते हैं जिसमें रोलर स्केटिंग, आइस स्केटिंग, इन लेन स्केटिंग हैं। इसमें रोलर स्केटिंग का भारत में बहुत ज्यादा चलन है इसे सीखना भी आसान है। उल्लेखनीय है कि रोलर स्केटिंग की शुरुआत 18वीं शताब्दी में प्रदर्शन कला के माध्यम से हुई थी। 1880 के दशक में इसे व्यापक लोकप्रियता मिली और 1930 से 1950 के दशक तक संयुक्त राज्य अमेरिका में बहुत लोकप्रिय थी फिर 1970 में जब यह डिस्को संगीत और रोलर डिस्को से जुड़ी। सन् 1990 के दरमियान इन लाइन आउटडोर रोलर स्केटिंग लोकप्रिय हो गई।
स्केटिंग के फायदे
बताया जाता है कि स्केटिंग करने से शरीर चुस्त और स्वस्थ रहते हैं पैरों की ताकत बढ़ती है। शरीर के सभी मसल्स की एक्सरसाइज हो जाती है तथा रीढ़ की हड्डी भी सही रहती है। हाथ और पैरों का सामंजस्य बनाए रखने में मदद मिलती है। दिमाग और समझने की क्षमता बढ़ती है। स्केटिंग करना और भागना साइकिल चलाने से भी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
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