राजस्व विभाग की गड़बड़ी का खामियाजा भुगत रहा है किसान, लगानी को कर दिया गया घास भूमि l
नागेंद्र निषाद की रिर्पोट
गोबरा नवापारा, गणेश्वर देवांगन ग्राम पंचायत पारागांव निवासी हैं जो कि सन 1987,88 में फिरंता / धरमू से 462 हेक्टेयर जमीन खरीदा था जो कि आज तक उसी जमीन पर काबिज हैं, किंतु राजस्व अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगत रहा है जिस जमीन पर किसान काबिज़ है उस जमीन को अब बंदोबस्त सुधार के बाद से उक्त किसान का जमीन घास भूमि बता रहा है l किसान ने बताया कि जमीन खरीदी के बाद 2 वर्ष तक धान बेचा गया था लेकिन बंदोबस्त में सुधार के बाद किसान अपने खेत का धान सोसाइटी में नहीं बेचा है l वही किसान अपने खेत के कागजात को सुधरवाने के लिए पिछले 30 सालो से मंत्री, अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा लगा कर काफी परेशान हो चुका है।जीवन का आधा समय इसी में गुजार चुका है फिर भी जमीन कागज़ात में सुधार राजस्व अधिकारियों के द्वारा नहीं किया गया है l
वहीं सबसे बड़ी बात ये है कि देवांगन किसान की खेतों के चारों ओर और भी किसान अपने अपने जमीन पर काबिज हैं लेकिन उन सभी का जमीन लगानी भूमि हैं ऐसे में संदेह है कि राजस्व विभाग द्वारा इस प्रकार से गरीब किसान के जमीन के साथ खिलवाड़ किया गया है जिसके लिए किसान मानसिक रूप से काफी परेशान हैं l
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें