राम तेरी गंगा मैली हो रही : राजिम के सोन तीर्थ घाट पर लोग बदबूदार गंदे पानी में नहाने को मजबूर
नागेंद्र निषाद की रिपोर्ट
राजिम, एक ओर जहा भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद राजिम मेले का नाम राजिम कुंभ कल्प किया गया वही इस बार का थीम रामोत्सव किया गया है l राम और महानदी का नाता त्रेता युग से जब राम जी वनवास काल के समय महानदी से गुजरे हैं इसी महानदी की रेत से माता सीता ने शिव लिंग कुलेश्वर महादेव बना कर पूजा अर्चना और महानदी के जल से अभिषेक भी की l लेकिन सबसे दुर्भाग्य की बात है कि राजिम कुंभ कल्प के नाम से करोड़ो रुपए खर्च किए जा रहे है वहीं महानदी का अस्तित्व समाप्त होता नज़र आ रहा है l
छत्तीसगढ़ की जीवनदायनी महानदी का अस्तित्व समाप्त होने लगा है एक ओर शासन द्वारा 15 दिनों तक चलने वाले मेले में नहाने के लिए घाट बनाए गए हैं जहा केवल 15दिन ही लोग स्नान करते हैं वही साल भर लोग राजिम के सोन तीर्थ घाट पर लोग अस्थि विसर्जन के लिए प्रति दिन सैकड़ों की संख्या में लोग आते है जहा पर वर्तमान समय में नदी पूरी तरह से जलकुंभी से भरा पड़ा है और वही नगर का सेवरेज का पानी सीधे नदी में जा रहा है इस वजह से महानदी का यह बदतर स्थिती निर्मित हुआ है l पहली बार इतने मात्रा में जलकुंभी नदी में देखा गया है जब की जलकुंभी नदी के घातक है l
आपको बता दें कि 2022 के एक रिपोर्ट में एनजीटी द्वारा महानदी को सबसे दूषित नदी बताया गया था इस तरह के रिपोर्ट आने के बाद भी शासन द्वारा नदी को पुनर्जीवित करने का कोई काम आज तक नही देखा गया है l सूबे में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और क्षेत्र के नगर विधानसभा, लोकसभा में भाजपा के ही प्रतिनिधि नेतृत्व कर रहे है लेकिन प्रयागराज राजिम की इस प्रकार की महानदी की दुर्दशा को लेकर जनप्रतिनिधि भी उदासीन है l
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