सरपंच एवं उपसरपंच ने मिली भगत कर तालाब को खोद बेच दी मुरम
मेड को भी नहीं छोड़ा, 50 से अधिक फलदार वृक्ष का अस्तित्व खतरे में
नवापारा राजिम। समीपस्थ ग्राम चिपरीडीह जो की पूर्व में पटेवा का आश्रित ग्राम था पहली बार स्वतंत्र पंचायत के रूप में अस्तित्व में आया। प्रथम सरपंच क्षमता साहू, उप सरपंच विमल साहू चुने गए। पहले स्वतंत्र पंचायत बनने से गांव के लोगों में उम्मीद जगी की गांव का विकास द्रुत गति से होगा, परंतु सरपंच एवं उप सरपंच की तानाशाही कार्य प्रणाली से गांव के लोगों में निराशा, भय और आक्रोश का वातावरण निर्मित हो गया है। ग्राम के ही आरटीआई कार्यकर्ता डोमेश कुमार साहू ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया की बिना ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के अधिकतर कार्य किया जा रहा है। मनमर्जी पूर्वक काम होने से लोगों में आक्रोश है। विरोध करने वाले को पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा खुले आम धमकी दी जाती है जिससे लोगों में भय का वातावरण बना हुआ है।
ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जहां जून 2023 में ग्राम के डंगनिया तालाब की मशीन द्वारा अवैध खुदाई कराकर उसका सारा मुरूम बेच डाला गया। खुदाई का आलम इतना गंभीर है कि 10 फीट से अधिक गहराई कराई गई, तालाब के मेड को भी नहीं छोड़ा गया। आसपास लगे लगभग 50 बड़े फलदार वृक्ष का अस्तित्व खतरे में आ गया है। बारिश में पेड़ के आसपास की मिट्टी हटते ही पेड़ अपना अस्तित्व खो बैठेंगे।
कृषि कार्य हेतु नहीं बचा मार्ग
तालाब की मेड की खुदाई कर मार्ग अत्यंत सकरा तथा जगह-जगह से काट दिया गया है जिसमें पैदल चलना भी दूभर हो गया है। किसानी के समय कृषकों को अत्यंत ही कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। जिससे नुकसान की संभावना रहेगी।
मजदूरों से की गई है 200 - 200 रुपए की अवैध वसूली
खुदाई करने पहले मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार देकर मशीन जाने लायक मार्ग बनाया गया। फिर लोगों को बताया गया कि मुरूम का उपयोग गांव के धरसा रोड बनाने, ऊबड़ खाबड़ मार्ग को भरने के लिए किया जाएगा। इस हेतु गाड़ी लगाने के लिए सभी मजदूरों से 200 - 200 रुपए की अतिरिक्त वसूली की गई। नहीं देने वालों को कहा गया की मजदूरी का पूरा भुगतान नहीं किया जाएगा, राशि को काटकर भुगतान किया जाएगा।
ना पंचायत में प्रस्ताव न खनिज विभाग की अनुमति
इतनी गहरी खुदाई करने के लिए ना ही पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया ना ही खनिज विभाग से अनुमति ली गई। सारा का सारा मुरूम अवैध तरीके से बेच दिया गया।
उच्चाधिकारियों से शिकायत परंतु कार्यवाही शून्य
आरटीआई कार्यकर्ता डोमेश कुमार साहू ने पंचायत से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी। जिसमें पंचायत द्वारा जानकारी दी गई कि किसी भी प्रकार का पंचायत प्रस्ताव नहीं हुआ है। माइनिंग विभाग का कोई आदेश नहीं है। अनुविभागीय अधिकारी का कोई आदेश नहीं है किसी प्रकार की राशि पंचायत को नहीं मिली है। उक्त सूचना के अधिकार तहत मिले दस्तावेज के आधार पर डोमेश कुमार साहू
ने एसडीएम अभनपुर, कलेक्टर खनिज शाखा रायपुर को इस संबंध में शिकायत की परंतु अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है।
इस संबंध में गांव के उपसरपंच विमल साहू ने मजदूरों से पैसा लेने की बात स्वीकार की। बताया की गाड़ी किराया देने पैसा लिया गया।

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