बस स्टैंड बनने का रास्ता साफ होने के बाद लोगों के मन में सवाल राजिम जिला कब बनेगा



जनता कह रही- धर्मनगरी राजिम को प्रदेश सरकार शीघ्र जिला का दर्जा दे

राजिम 14 सितंबर। राजिम को जिला बनाने की बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक मांग अभी भी अटकी हुई है। क्षेत्र के जनता को बेसब्री से इंतजार है कि धर्मनगरी को शीघ्र जिला का दर्जा मिले। बताया जाता है कि यह मांग छत्तीसगढ़ राज्य बनने के पहले की है। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय सांसद रहते हुए संत कवि पवन दीवान ने जोर-जोर से राजधानी भोपाल में जाकर सत्ता की गलियारों में आवाज बुलंद किया था। 1 नवंबर सन् 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होकर पृथक छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया। तब छत्तीसगढ़ में मात्र 16 जिला थे अब बढ़कर इन 24 सालों में 33 जिला हो गए हैं, लेकिन अभी तक राजिम का क्रम नहीं आया है। इस बात को लेकर यहां की जनता बहुत चिंतित है। बताया जाता है कि संत कवि पवन दीवान कहा करते थे कि एक दिन राजिम जिला जरूर बनेगा। उन्होंने अपने जीवन काल में प्रमुख तीन बातें कहा करते थे कि छत्तीसगढ़ राज्य मध्य प्रदेश से पृथक होगा। मां कौशल्या की भूमि चंद्रखुरी विकसित होगी। यह दोनों काम तो अब तक हो चुका है लेकिन वह अपनी जन्म और कर्मभूमि को जिला के रूप में देखना चाहते थे। तब उनके पास पहुंचने वाले लोगों से भी कहा करते थे कि अब छत्तीसगढ़ राज्य बन गया है राजिम जिला जरूर बनेगा। सन् 2016 में संत कवि पवन दीवान ब्रह्मलीन हो गए, परंतु उनके राजिम जिले की सपना अब तक अधूरी रह गई है। उनके जाने के बाद यहां की जनता जोर-जोर से जिले की मांग को लगातार उठा रहे है। शायद आवाज जिला बनाने वाले तक ठीक से नहीं पहुंच पा रही है। पिछले पंचवर्षीय योजना में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान राजिम के रेस्ट हाउस में रुके हुए थे। पहले दिन मिलने पहुंचे नगर के लोगों ने भूपेश कका से राजिम को जिला बनाने की मांग रखी। दूसरे दिन पत्रकार वार्ता के दौरान एक पत्रकार ने पूछ दिया कि क्या राजिम जिला बन पाएगा। इतने पर बघेल ने कहा था कि सामने चुनाव है इतने कम समय में जिला को खड़ा करना मुश्किल है।

असम के मुख्यमंत्री ने जिले के प्रश्न पर कहा था सब भला होगा

सन 2023 के नवंबर दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने के लिए पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्वा सरमा से पूछा गया कि क्या भाजपा सरकार बनने पर राजिम जिला बनेगा इतने पर उन्होंने कहा था कि पूर्व सांसद चंदूलाल साहू,संतोष उपाध्याय, रोहित साहू है तो सब भला ही होगा। इसके बाद तो जनता की उम्मीदें और बढ़ गई। अब विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से ही विधायक बने हुए हैं तथा प्रदेश में भाजपा की सरकार बैठी है।

जिला बनाने की बात को लेकर हो चुका है सर्वदलीय बैठक

पिछले वर्ष राजिम को जिला बनाने की बात को लेकर वर्तमान विधायक रोहित साहू जब जिला पंचायत सदस्य थे तब उन्होंने राजिम को जिला बनाने की मांग को लेकर भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाजवादी पार्टी, व्यापारी संघ, अधिवक्ता संघ, गणमान्य नागरिक इत्यादि बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे और बैठक में राजिम को जिला बनाने आवाज बुलंद करने की बात सभी ने कही थी। यह बैठक पूरी तरह से सफल रहा और रोहित साहू के इस जनहित के कार्यों की खूब प्रशंसा हुई थी। पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, पूर्व पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ल सहित जनप्रतिनिधि गण भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

नगर पंचायत में हो चुका है प्रस्ताव पारित

राजिम को जिला बनाने की मांग को लेकर नगर पंचायत के सामान्य सभा में प्रस्ताव बनाकर राज्य शासन को प्रेषित किया जा चुका है इसमें नगर पंचायत के अध्यक्ष, पार्षद सभी की उपस्थिति थी और उन्होंने राजिम को अविलंब जिला बनाने की गुहार लगाई थी। इनके अलावा क्षेत्र के कुछ ग्राम पंचायत ने भी प्रस्ताव बनाकर राजिम को जिला बनाने की मांग प्रदेश सरकार से किया था। जब जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का राजिम आना होता है तब तब यहां के लोगों की उम्मीदें बढ़ जाती है। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि शहर में बस स्टैंड के लिए भूमि अधिग्रहित होने के बाद लोगों में बड़ी खुशी है। राजिम धर्मनगरी है। देश में जितने भी बड़े तीर्थ क्षेत्र है सभी जिला के रूप में अस्तित्व में आ चुके हैं एक राजिम ही ऐसा स्थान है जो तीर्थ का राजा तो है ही। पर जिला अभी तक नहीं बन पाया है। सत्ता में भाजपा की सरकार बैठी है अतः शीघ्र राजिम को जिला का दर्जा दिया जाए।

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