त्रिवेणी संगम पर प्लास्टिक प्रदूषण का संकट, प्रशासन की उदासीनता उजागर


गोबरा नवापारा, पवित्र महानदी त्रिवेणी संगम, जो धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, आज प्लास्टिक प्रदूषण की चपेट में है। हाल ही में आयोजित राजिम मेले के दौरान नदी किनारे बिछाई गई हजारों प्लास्टिक की बोरियाँ अब भी जमा हैं, जिससे नदी का जल, जलीय जीव-जंतु और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र संकट में है। मेले के आयोजन के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बिछाई गई ये प्लास्टिक बोरियाँ आयोजन समाप्त होने के बाद हटाई नहीं गईं। इसके अलावा, पर्यावरण विभाग ने भी इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
 परिणामस्वरूप, नदी किनारे फैला प्लास्टिक कचरा न केवल जल को दूषित कर रहा है, बल्कि मछलियों सहित अन्य जलीय जीवों के लिए घातक बन रहा है। यह स्थिति स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य और त्रिवेणी संगम की पवित्रता के लिए भी खतरा है।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस लापरवाही पर रोष जताया है। उनका कहना है कि मेले के बाद सफाई और कचरा प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण यह धार्मिक स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक गरिमा खो रहा है। 
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो नदी का पारिस्थितिकी तंत्र अपूरणीय क्षति झेल सकता है। इस गंभीर मुद्दे पर जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और पर्यावरण विभाग से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा है ताकि महानदी और त्रिवेणी संगम का पर्यावरणीय और धार्मिक महत्व सुरक्षित रहे।

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