पितईबंद ग्राम पंचायत भवन की जर्जर स्थिति
राजिम: ग्राम पंचायत पितईबंद का पंचायत भवन अपनी जर्जर स्थिति के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। यह भवन अब किसी खंडहर से कम नहीं रह गया है, जहां छत का प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें उभर आई हैं और समग्र संरचना अत्यंत कमजोर हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस भवन में प्रवेश करना खतरे से खाली नहीं, क्योंकि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पंचायत भवन को बने अभी केवल 20 वर्ष ही हुए हैं, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता की कमी के कारण इसकी हालत दयनीय हो चुकी है। छत से प्लास्टर के टुकड़े गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे ग्रामीण पंचायत कार्यालय में जाने से कतराते हैं। ग्राम पंचायत के दैनिक कार्यों, जैसे ग्राम सभा, राशन कार्ड वितरण, या अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के लिए यह भवन असुरक्षित साबित हो रहा है।
पूर्व और वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या को कई बार जिला प्रशासन, उच्च अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाया है। इसके बावजूद, न तो भवन की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है और न ही शासन द्वारा इसके पुनर्निर्माण या जीर्णोद्धार के लिए कोई राशि स्वीकृत की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण यह भवन अब ग्राम पंचायत की जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह अक्षम हो चुका है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वे चाहते हैं कि पंचायत भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया जाए, ताकि ग्राम पंचायत का कार्य सुचारू रूप से चल सके और ग्रामीणों को एक सुरक्षित स्थान मिल सके। साथ ही, निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी जांच की भी मांग उठ रही है।
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