रेलिंग टूटा: बेलाही पुल की जर्जर स्थिति, जिम्मेदारों की उदासीनता
गोबरा नवापारा : धमतरी और रायपुर जिले को जोड़ने वाला बेलाही पुल इन दिनों अपनी जर्जर स्थिति के कारण सुर्खियों में है। इस महत्वपूर्ण पुल की रेलिंग कई जगहों पर पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे हर दिन हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। मगरलोड ब्लॉक के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों के लिए यह पुल गोबरा नवापारा नगर से संपर्क का प्रमुख माध्यम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह पुल अब एक बड़े हादसे का इंतजार करता प्रतीत हो रहा है।
करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह पुल न केवल क्षेत्र की कनेक्टिविटी का आधार है, बल्कि यह धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का भी केंद्र है। खासकर श्रावण माह में, जब श्री कुलेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु इस पुल को पार करते हैं, तब इसकी बदहाल स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। बारिश के मौसम में नदी में बाढ़ देखने के लिए लोग पुल पर एकत्रित होते हैं, लेकिन टूटी रेलिंग के कारण असुरक्षा की भावना प्रबल हो रही है। कई जगहों पर रेलिंग पूरी तरह गायब हो चुकी है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों को हर कदम पर खतरा महसूस होता है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस पुल की मरम्मत और रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पुल का नियमित निरीक्षण नहीं हो रहा, जिसके कारण इसकी स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अधिकारियों को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है? एक स्थानीय निवासी लीला राम ने बताया, “हम रोज इस पुल से गुजरते हैं, लेकिन टूटी रेलिंग के कारण डर बना रहता है। खासकर रात के समय और बारिश में यहाँ से गुजरना जानलेवा हो सकता है।”
गोबरा नवापारा के विजय ने इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार के राज में अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। जनता की सुरक्षा के लिए बनाए गए इस पुल की ऐसी हालत शासन-प्रशासन की नाकामी को दर्शाती है।” उन्होंने मांग की कि तत्काल प्रभाव से इस पुल की मरम्मत शुरू की जाए और रेलिंग को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि बेलाही पुल न केवल यातायात के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का भी आधार है। इस पुल के माध्यम से किसान, व्यापारी और मजदूर रोजाना आवागमन करते हैं। लेकिन इसकी जर्जर हालत के कारण न केवल आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि लोगों की जान को भी खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन से मांग की जा रही है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और तत्काल कार्रवाई करे। स्थानीय लोग चाहते हैं कि पुल का गहन निरीक्षण किया जाए, टूटी रेलिंग को ठीक किया जाए और भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचने के लिए नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि प्रशासन ने जल्द ही इस दिशा में कदम नहीं उठाए, तो स्थानीय लोगों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
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