मानवता का धर्म निभाते विधायक रोहित साहू, श्रमिक की पीड़ा को दी राहत
राजिम, रायपुर: "मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।" इस भावना को चरितार्थ करते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने आज रायपुर प्रवास के दौरान एक मार्मिक दृश्य का साक्षी बनकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। त्रिवेणी संगम, महानदी पुल (राजिम) से गुजरते समय उनका ध्यान लोक निर्माण विभाग के अकुशल श्रमिक श्री परस साहू, निवासी श्यामनगर, की ओर गया, जो गंभीर बीमारी पक्षाघात (पैरालिसिस) से पीड़ित होने के बावजूद पूरी निष्ठा से पुल पर सफाई कार्य में जुटे थे।
श्री परस साहू की स्थिति विचलित करने वाली थी। उनकी सेवा का मात्र एक वर्ष शेष है, और शारीरिक असमर्थता के कारण वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। इस दृश्य ने विधायक साहू को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने तत्काल अपना काफिला रुकवाकर उनसे संवाद करने का प्रयास किया। परस साहू की आँखों में उस समय भावुकता के आँसू छलक आए, जब उन्हें पता चला कि विधायक का काफिला उनके लिए रुका है।
विधायक साहू ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश दिए कि श्री परस साहू को उनके गृहग्राम श्यामनगर के पास किसी उपयुक्त कार्य में नियोजित किया जाए, ताकि उनकी शारीरिक तकलीफ कम हो और सेवा के अंतिम वर्ष में उन्हें सहारा मिल सके।
इस घटना ने मानवता की सच्ची भावना को उजागर किया। विधायक रोहित साहू ने कहा, "सेवा ही हमारा संकल्प है। हर पीड़ित तक संवेदना और समाधान पहुँचाना ही हमारा धर्म है।" यह घटना न केवल एक श्रमिक के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि समाज में मानवता के मूल्यों को जीवंत करने का भी एक प्रेरक उदाहरण है।
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