गोबरा नवापारा में गणेश चतुर्थी और ईद मिलादुन्नबी की तैयारियां, शांति समिति की बैठक में प्रशासन की अपील

गोबरा नवापारा में आगामी गणेश चतुर्थी और जश्ने ईद मिलादुन्नबी के पर्वों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौड़ और थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल ने उपस्थित लोगों से दोनों पर्वों को शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक, विभिन्न धर्मों के प्रमुख और पत्रकार उपस्थित रहे।
थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल ने गणेशोत्सव समिति के लिए जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गणेश प्रतिमा स्थापना स्थल पर अग्नि सुरक्षा के लिए आग बुझाने वाले उपकरण, सिलेंडर, ट्रिगिंग मशीन और रेत की व्यवस्था अनिवार्य है। साथ ही, विद्युत विभाग से अनुमति लेकर पंडाल में सुरक्षित वायरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। यदि कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी आयोजक समिति की होगी। पुलिस विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना समिति के लिए अनिवार्य होगा।
उन्होंने अपील की कि गणेशोत्सव के दौरान केवल मिट्टी से बनी मूर्तियों की स्थापना की जाए, प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों का उपयोग नहीं होगा। पंडाल लगाने से पहले नगर पालिका/नगर पंचायत से अनुमति ली जाएगी और निर्धारित स्थान पर ही पंडाल स्थापित किया जाएगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए एसडीएम/तहसील कार्यालय से अनुमति प्राप्त की जाएगी और सड़कों पर पंडाल नहीं लगाया जाएगा। 
लाउडस्पीकर, मल्टीटोन हॉर्न, प्रेशर हॉर्न जैसे तीव्र ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्रों का उपयोग नहीं होगा। सामान्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग कर सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा। डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध का अनुपालन करते हुए इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। ध्वनि यंत्रों की सीमा 10 डीबी (ए) से 75 डीबी (ए) के बीच रखी जाएगी, और बिना जिला दंडाधिकारी की लिखित अनुमति के इनका उपयोग नहीं होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, ड्रम, टॉम-टॉम, ट्रम्पेट या अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्रों का उपयोग वर्जित रहेगा। अस्पताल, शिक्षण संस्थानों, अदालतों और धार्मिक स्थलों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर ध्वनि यंत्रों का उपयोग और पटाखों का प्रयोग नहीं होगा। 
गणेश प्रतिमा की स्थापना और विसर्जन के दौरान यातायात बाधित नहीं किया जाएगा। हाईटेंशन बिजली तारों के नीचे पंडाल नहीं लगाया जाएगा, और विद्युत विभाग से अनुमति लेकर बिजली का उपयोग किया जाएगा, बिजली चोरी नहीं होगी। पंडाल में स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी, और आसपास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। गणेश प्रतिमा का विसर्जन नगर पालिका/नगर पंचायत द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही किया जाएगा, और विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन नहीं होगा। 

विसर्जन शासन/प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि को एक ही दिन में किया जाएगा। पंडाल में जुआ, शराब जैसे अवैध कार्यों को रोकने और विसर्जन के दौरान शराब, गांजा जैसे मादक पदार्थों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसे कृत्यों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विसर्जन के दौरान विवाद से बचने के लिए स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी। 

थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई, जिस पर बैठक में उपस्थित सभी नागरिकों ने सहमति जताई। प्रशासन और पुलिस ने गणेश चतुर्थी और जश्ने ईद मिलादुन्नबी को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।

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