श्री कबीर संस्थान नवापारा राजिम का 44 वा वार्षिक अधिवेशन एवं सत्संग समारोह दिनांक 30, 31 जनवरी‌ एवं 1 फरवरी 2026


गोबरा नवापारा, भारत की धर्म पताका सदा से ऊंची रही है यहां पूराकाल से ऋषि मुनि संत साधक आत्मज्ञान का शोध करते आए हैं भारत की प्राचीनतम ग्रंथ/वेद/उपनिषद/ रामायण/महाभारत आदि मे आत्मज्ञान की मोती बिखरे पड़े हैं इन गंथों से ज्ञान रत्न निकालकर जो अपना काम करता है उसका कल्याण हो जाता है आज से 600 वर्ष पूर्व भारत की धरती पर एक ऐसे ज्ञान मारतंड का प्रादुर्भाव हुआ जिंहे हम कबीर के नाम से जानते हैं उनके एक हाथ में सारे अंधविश्वासो और पाखंडों का धवंस कर देना वाली मशाल थी तो दूसरे हाथ में मानवता की वाटिका को सींचने के लिए प्रेम का शीतल निर्झर सतगुरु कबीर का गहन चिंतन उनकी निशपक्षता, निर्भीकता तथा सत्या सत्य निर्णय कर देने वाली वाणी ऐसी अद्भुत है कि बरबस सबके दिल को सुगंध कर देती हैl 
इस पावन अवसर पर श्री कबीर संस्थान नवापारा राजिम के तत्वाधान में दिनांक 30, 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार,शनिवार रविवार को तीन दिवशी सत्संग का आयोजन है, जिसमे परम पूज्य वैरागयवान ज्ञानी भ‌‌मनशील श्रद्धेय संत श्री धर्मेंद्र साहेब जी प्रयागराज इलाहाबाद से अपनी संत मंडली सहित तथा संत गुरु भूषण साहेब कबीर आश्रम सूरत से पधार रहे हैं एवं क्षेत्रीय संतो महंतो साधवियो तथा प्रसिद्ध भजन गायक श्री गुरुशरण साहू भेंडरी एवं श्री सूरज मास्टर नवापारा नगर का भी आगमन होगा,सह परिवार पधार कर सत्संग का लाभ उठाएं। भजन एवं प्रवचन सुबह 10:00 बजे से 1:30 तक एवं दोपहर 3:00 से 5:30 बजे तक दिनांक 1-2-2026 को प्रथम सत्र में गुरु पूजा होगा।

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