छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने ग्राम सरपंच और तहसीलदार को जारी किया अवमानना नोटिस: सामूहिक कृषि सहकारी समिति के सदस्यों के भूमि विवाद में कोर्ट आदेश की अवहेलना का आरोप


गोबरा नवापारा : माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने ग्राम सोनेसिली के सरपंच अजय साहू तथा तहसीलदार विक्रम सिंह राठौड़ के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए दिनांक 04 फरवरी 2026 को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह मामला ग्राम सोनेसिली में स्थित सामूहिक कृषि सहकारी समिति की भूमि से जुड़ा है, जहां लंबे समय से सदस्य शांतिपूर्ण खेती कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और सरपंच द्वारा बार-बार हस्तक्षेप और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।

जानकारी के अनुसार, सोनेसिली सामूहिक कृषि सहकारी समिति का पंजीकरण वर्ष 1972-73 में सहकारी समिति अधिनियम 1960 की धारा 7 एवं 9 के तहत हुआ था। समिति की भूमि (खसरा नंबर 443/1 एवं 528/1, वर्तमान में 1018, 1136, 1137, 1150 एवं 352) राजस्व अभिलेखों में दर्ज है और सदस्यों द्वारा दशकों से खेती की जा रही है। वर्ष 1995 में सहकारी समिति द्वारा समिति का परिसमापन कर दिया गया, जिसके खिलाफ सदस्यों ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक 3035/1995 दायर की। कोर्ट ने 14 सितंबर 1995 को यथास्थिति का आदेश दिया।

इस बीच, मध्य प्रदेश शासन ने 29 जुलाई 1997 को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें परिसमापन के बाद भी सदस्यों के कब्जे वाली भूमि पर पात्रता के आधार पर आवंटन/व्यवस्थापन का अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद भी कलेक्टर रायपुर ने 17 सितंबर 2010 को ज्ञापन जारी कर अनुविभागीय अधिकारी को एक माह में कार्रवाई करने के निर्देश दिए, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।

वर्ष 2024-25 में सरपंच द्वारा सदस्यों को भूमि से बेदखल करने के प्रयास शुरू हुए, जिसके खिलाफ सदस्यों ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 2860/2025 एवं 4350/2025 दायर की। 10 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का स्थगन आदेश दिया और राज्य सरकार/कलेक्टर को पूर्व आदेशों पर कार्यवाही करने का निर्देश दिया।

कोर्ट के इस आदेश के बावजूद, आरोप है कि सरपंच अजय साहू ने 14 दिसंबर 2025 को सदस्यों के साथ मारपीट की। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को खेतों में आग लगाई गई, 6 जनवरी 2026 को पशुओं से चरवाई गई, और 9 जनवरी 2026 को फिर मारपीट की गई। इन घटनाओं की सूचना पुलिस, तहसीलदार और पुलिस अधीक्षक को कई बार दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इससे आक्रोशित होकर सदस्यों ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका क्रमांक 165/2026 दायर की। संलग्न दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने सरपंच अजय साहू एवं तहसीलदार विक्रम सिंह राठौड़ को अवमानना नोटिस जारी किया है।

समिति के सदस्यों का कहना है कि वे दशकों से शांतिपूर्ण काश्त कर रहे हैं और सरकारी आदेशों की अवहेलना कर उन्हें बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। मामले में अब उच्च न्यायालय में सुनवाई जारी रहेगी। स्थानीय प्रशासन से इस पर त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

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