दो साल से न्याय को तरसते किसान: तहसीलदार-पटवारी पर आदेश दबाने का आरोप, 7 दिन की मोहलत; फिर उग्र आंदोलन की चेतावनी
गोबरा नवापारा। तहसील क्षेत्र के ग्राम सुंदरकेरा के किसानों ने हल्का क्रमांक-9 के पटवारी ललित साहू एवं नायब तहसीलदार नवल कुमार मंडल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि खसरा नंबर 1862 से जुड़े प्रकरण में सक्षम अधिकारियों के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पिछले दो वर्षों से रिकॉर्ड दुरुस्ती का कार्य जानबूझकर लंबित रखा गया है। किसानों का आरोप है कि इस लापरवाही के कारण विवादित भूमि की रजिस्ट्रियां लगातार होती रहीं, जिससे भू-माफियाओं को लाभ पहुंचा और वास्तविक भूमिधारकों के अधिकार प्रभावित हुए। किसानों के अनुसार, इस मामले में दिसंबर 2024 में कलेक्टर एवं एसडीएम द्वारा आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद रिकॉर्ड में कोई संशोधन नहीं किया गया। बाद में 18 जून 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रवि सिंह ने भी तहसीलदार को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, लेकिन आज तक दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।इसी मुद्दे को लेकर ग्राम पंचायत सुंदरकेरा के दर्जनों किसान सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचे और करीब तीन घंटे तक परिसर में सांकेतिक धरना एवं बैठक कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि न्याय मिलने के बजाय केवल आश्वासन दिया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर रिकॉर्ड दुरुस्ती का कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो वे व्यापक एवं उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सुंदरकेरा के किसान गिरधारी साहू, भुनेश्वर साहू, पलटन साहू, हीरालाल साहू, नकुल साहू, ओंकार साहू, गोधरा साहू, बालाराम तारक, कन्हैया साहू, भुनेश्वर साहू, परसराम साहू, तोरण साहू, कचछु पटेल, नाथू पटेल, घसिया साहू, बलराम साहू, धनी पटेल, नंदू साहू, ओमप्रकाश साहू, यशवंत चंद्रहास पुराणिक, शोभा पटेल, हेमलता साहू, दयाराम, खगेश, कोमल, राजू सहित अन्य उपस्थित रहे l
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