देश में फसल उत्पादन को कम करना चाहती है सरकार, खाद वितरण नीति है विसंगति पूर्ण : प्रवीण क्रांति
राजिम,
भारतीय किसान यूनियन फिंगेश्वर ब्लॉक कमेटी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर के संयुक्त नेतृत्व में राजिम में हुए किसान आंदोलन की समीक्षा बैठक रेस्ट हॉउस राजिम में आयोजित की गई जिसमें भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी प्रवीण क्रांति, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण कुमार नरवाल, प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, प्रदेश सचिव कमल सिंह कुशवाह, गरियाबंद जिला अध्यक्ष मदन लाल साहू, जिला महासचिव योगेंद्र साहू, जिला कोषाध्यक्ष उत्तम कुमार साहू, जिला संगठन मंत्री ललित कुमार साहू, फिंगेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू की उपस्थिति में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मदनलाल साहू ने की और आभार व्यक्त ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू ने किया।
संयुक्त किसान आंदोलन का समीक्षा करते हुए प्रदेश प्रभारी प्रवीण क्रांति ने कहा कि सरकारें कॉर्पोरेट घरानो के साथ जुगलबंदी कर जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण को लूट रही है यह समय अमृतकाल नहीं बल्कि लूट काल बन गया है जिसके खिलाफ सभी मेहनतकश जनता, मजदूर, किसानों को एक जुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा, यह संघर्ष किसी एक पार्टी या संगठन का नहीं है बल्कि सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार अमेरिकी ट्रेड दिल की शर्तों के अधिन काम कर रही है जिसमें कहा गया है अमेरिका भारत में सालाना 500 करोड़ रूपये केवल कृषि उत्पाद से सम्बंधित व्यापार करेगा जिसका मतलब है भारत में कृषि उत्पादन पर कमी लाना और इसके लिए उर्वरक खाद वितरण नीति को विसंगत बनाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रद्योगिकी विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा जा रहा है कि पिछले खरीफ सीजन 2025 में किसानों को वितरित उर्वरक यूरिया की 80% मात्रा एवं डीएपी की 60%मात्रा का ही वितरण खरीफ 2026 में किया जाना है। जबकि धरातल में इसका अलग ही मानक प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया एक बोरी डीएपी मान लिया गया है जिससे एक एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को डीएपी मिल नहीं रहा और तो और ज्यादा जमीन वाले किसानों को आधा बोरी डीएपी ही मिल रही है जिससे खेती कर पाना आसान नहीं है और सरकार के पास कोई ठोस विकल्प नहीं होने के कारण बिचौलिए मनमाने दामों में खाद बेच रहे हैँ सहकारी समितियों में उर्वरक नहीं है लेकिन थोक विक्रेताओं का गोदाम भरा हुआ है जिस पर प्रशासन को सख्त कार्यवाही करने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार नरवाल ने कहा कि किसान प्रकृति से जुडा हुआ है लेकिन प्रकृति का विनाश ने प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है जिससे जलवायु में भारी परिवर्तन का नुकसान किसानों को उठाना पडता है।
प्रदेश सचिव कमल कुशवाह ने कहा कि सरकार द्वारा निर्मित समस्याओं से सामना करने के लिए हमें सांगठनिक रूप से मजबूत होकर संघर्ष को तेज करना होगा वहीं प्राकृतिक समस्याओं से निपटने के लिए प्रकृति और मानव के बीच सहस्तित्व के सम्बन्ध को मजबूत करना होगा।
खाद नहीं मिलने पर विभाग में करेंगे पंचायत : तेजराम विद्रोही
खाद की बनावटी किल्लत को समझते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि थोक उर्वरक विक्रेता बड़े पैमाने पर कालाबाजारी को बढ़ावा दें रहे हैं आंदोलन के बाद भी किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पाता है तो ब्लॉक स्तर पर किसान अपनी खाद की मांग अनुसार प्राप्ति के लिए कृषि विभाग के कार्यालय में बैठ कर पंचायत करेंगे और ज़ब तक खाद नहीं मिल जाता तब तक जारी रहेगा।
जिला अध्यक्ष मदन लाल साहू ने कहा कि संगठन को गॉव गॉव में मजबूत करने के लिए एक एक सदस्य को पांच गॉव की जिम्मेदारी लेकर एक एक गॉव में पांच पांच सदस्य बनाना चाहिए जिससे ग्रामीण कमेटी और मजबूत होगी।
बैठक में भूनूराम साहू, डेनिश साहू, शेषनारायण चंद्राकर, दाऊलाल साहू, गैदलाल देवांगन, गोविन्द तारक, बसंत साहू, हेमलाल साहू, ओमप्रकाश साहू, सेवक साहू, खिलेश साहू, नरेश साहू, विनोद ध्रुव, रघुनाथ साहू, मदन लाल साहू, चम्मन लाल, प्रेमशंकर साहू, पवन कुमार, रोमश साहू, डेश कुमार, कनक सिन्हा, नारायण साहू, कुलेश्वर साहू, इतवारी साहू, सुरेश यादव, होरीलाल, जुगलराम, जागेश राम, गिरधारी साहू, दौवा राम, शंकर लाल साहू, मंशाराम साहू, अर्जुन मरकाम, गुलाब कोमर्रा, हरख साहू, रमेश साहू, भारत साहू, नरेश तारक, तुकाराम साहू, नेमीचंद, अजीत साहू, तुलेश कुमार, रामसिंग ध्रुव आदि ग्राम प्रमुख एवं कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
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