महिला सशक्तिकरण के नियमों पर सवाल: अब तक नहीं हुआ प्रतिनिधि नियुक्त..., कांग्रेसी पार्षदों ने की शिकायत l
गोबरा नवापारा। एक ओर जहां महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाने और उन्हें स्वतंत्र रूप से दायित्व निभाने के उद्देश्य से शासन द्वारा नियम-कानून बनाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा में उन्हीं नियमों की अनदेखी का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) लवकेश पैकरा ने 23 दिसंबर 2025 को विधायक इंद्रकुमार साहू को पत्र भेजकर नगरीय निकाय में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के पारिवारिक रिश्तेदार अथवा नातेदार को प्रॉक्सी प्रतिनिधि या लायजन पर्सन के रूप में नियुक्त किए जाने को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15(3) एवं 21 की भावना के विपरीत बताते हुए शासन के निर्देशों से अवगत कराया था। शिकायत के अनुसार, पत्र जारी होने के छह महीने बाद भी विधायक द्वारा कोई अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त नहीं किया गया।
इसी आधार पर नगर पालिका के कांग्रेस पार्षद रामरतन निषाद, अर्जुन साहू, टिकेश्वर गिलहरे सहित अन्य पार्षदों ने कलेक्टर रायपुर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि नगर पालिका अध्यक्ष के पति सामान्य सभा की बैठकों में शामिल होकर प्रशासनिक एवं विकास कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं तथा अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं।
पार्षदों का कहना है कि छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम के तहत किसी भी बाहरी व्यक्ति या गैर-अधिकृत प्रतिनिधि को सामान्य सभा की बैठक में बैठने अथवा निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई तथा शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग कलेक्टर से की है।
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