राइस मिलों के जहरीले पानी से मछली पालक बर्बाद, नोटिस के बाद भी नहीं रुका दूषित पानी, रसूखदारों की मनमानी से टूटा गरीब का आसरा
गोबरा नवापारा। ग्राम पंचायत कुर्रा में सोनेसिली रोड स्थित दो राइस मिलों का जहरीला पानी सीधे तालाबों में छोड़े जाने से मछली पालक धनेश गिलहरे के जीवन में तबाही आ गई है। तालाब में हजारों मछलियां मरकर तैर रही हैं, जिससे 4 साल से मछली पालन कर जीविकोपार्जन कर रहा धनेश आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है।
ग्राम पंचायत कुर्रा ने गांव के दोनों तालाब ठेके पर धनेश को दिए थे। लेकिन राइस मिलों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी तालाब में बहाए जाने से उसकी पूरी मेहनत और पूंजी डूब गई। जहरीले पानी से पर्यावरण पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। तालाब का पानी बदबूदार हो गया है और आसपास की जमीन बंजर होने की कगार पर है।
ग्राम पंचायत ने दोनों राइस मिलों साईं हनुमंत और शिवम राइस मिल को नोटिस जारी कर पानी छोड़ना बंद करने को कहा, मगर रसूखदार मिलर्स ने नोटिस को ताक पर रख दिया। अपनी धन-बल के दम पर वे नियमों को ठेंगा दिखाकर लगातार जहरीला पानी तालाब में बहा रहे हैं।
वहीं इस पूरे मामले में पर्यावरण संरक्षण मंडल विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। आखिर इन कल-कारखानों से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर विभाग ने उचित निरीक्षण क्यों नहीं किया? क्या अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं या आपसी साठगांठ से यह खेल चल रहा है?
नोटिस और निवेदन के बाद भी जहरीला पानी छोड़ा जाना विभाग की लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है। गरीब मछली पालक के सामने रोजी-रोटी का संकट है। अब देखना होगा कि प्रशासन जागता है या नहीं, गरीब को न्याय मिलता है या रसूखदारों की हैसियत के आगे नियम घुटने टेक देते हैं।
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