सिविल कोर्ट के स्टे के बाद भी तहसीलदार ने कराया स्थल निरीक्षण, पीड़ित ने जताई आपत्ति, एसडीएम बोले - जांच का विषय
गोबरा नवापारा। न्यायालय के स्थगन आदेश की अवहेलना का एक गंभीर मामला ग्राम पंचायत परसदा से सामने आया है। यहां सिविल न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन और स्टे होने के बावजूद गोबरा नवापारा तहसीलदार द्वारा 02 जुलाई 2026 को स्थल निरीक्षण कराया गया।
जानकारी के अनुसार, विवादित भूमि को लेकर रामकुमार साहू सहित अन्य और डीगेश्वरी रमेश वर्मा के बीच सिविल न्यायालय में मामला चल रहा है। न्यायालय ने प्रकरण के निराकरण तक यथास्थिति बनाए रखने का स्थगन आदेश दिया है। बावजूद इसके तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने स्थल निरीक्षण के आदेश जारी कर दिए।
पीड़ित पक्ष रामकुमार साहू का आरोप है कि डीगेश्वरी रमेश वर्मा ने फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कर ली है। मामले में कोर्ट से स्टे है। स्टे की कॉपी देने के बाद भी तहसील प्रशासन ने निरीक्षण कराया। इस दौरान बलपूर्वक स्थल पर पहुंचकर अधिकारियों ने निरीक्षण किया और विवादित जमीन पर चिन्हांकित के लिए सीमेंट के पोल भी लगा दिए गए।
रामकुमार साहू सहित अन्य किसानों ने खेतों में धान की बोनी कर ली है। अचानक हुए निरीक्षण और पोल गाड़ने से किसानों में रोष है। रामकुमार साहू ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद इस तरह का कार्य करना कानून का उल्लंघन है।
वहीं इस संबंध में अभनपुर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रवि सिंह ने कहा कि "यह न्यायालयीन मामला है। सिविल में स्टे है, इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। लेकिन मौका जांच की गई है। यह जांच का विषय है। इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। यदि पक्षकार प्रभावित है तो आवेदन भी दे सकता है।"
फिलहाल न्यायालय के आदेश के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर हुए इस स्थल निरीक्षण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पक्ष ने उच्च अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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