जनता परेशान : "ना आंधी ना पानी, फिर भी अंधेरा: स्मार्ट मीटर तो लगे, स्मार्ट बिजली कब आएगी?"
गोबरा नवापारा। 12/07/2026 की मध्य रात्रि करीब 1 बजे अचानक बिजली गुल हो गई। ना तेज हवा थी, ना बारिश, ना तूफान। फिर भी पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। गर्मी, मच्छरों का हमला और कुत्तों की कर्कश आवाज के बीच लोगों की नींद पूरी तरह खराब हो गई।
सबसे हैरान करने वाली बात ये कि विभाग ने कुछ महीने पहले ही घर-घर स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। रीडिंग अपने आप चली जाती है, बिल समय पर आ जाता है, और रिचार्ज नहीं किया तो लाइट भी "स्मार्टली" कट जाती है। लेकिन जैसे ही फॉल्ट होता है, वही स्मार्ट सिस्टम एकदम "फीचर फोन" बन जाता है।
लोगों का सवाल सीधा है - जब मीटर इतने स्मार्ट हैं कि 1 यूनिट का हिसाब भी रख लेते हैं, तो लाइन में फॉल्ट कहां है ये बताने के लिए स्मार्ट कनेक्शन क्यों नहीं? आज के आधुनिक युग में जो काम कुछ मिनटों में हो जाना चाहिए, वो घंटों लेट हो रहा है। कर्मचारी टॉर्च लेकर खंभे-खंभे भटकते हैं, और उपभोक्ता पसीने में लथपथ रात गुजारते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 1 बजे से लाइट गई और सुबह तक आने का नाम नहीं ले रही। बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। एक तरफ सरकार "डिजिटल इंडिया" और "स्मार्ट सिटी" की बात करती है, दूसरी तरफ बेसिक फॉल्ट ढूंढने के लिए भी विभाग को आधा शहर छानना पड़ रहा है।
विभाग से सवाल ये भी है कि करोड़ों खर्च करके स्मार्ट मीटर तो लगा दिए, लेकिन ग्रिड को स्मार्ट बनाने के लिए फंड कब आएगा? जब तक फॉल्ट लोकेशन अपने आप नहीं बताएगी, तब तक "थोड़ी देर में आ जाएगी" वाला रिकॉर्डेड जवाब ही सुनना पड़ेगा।
फिलहाल गोबरा नवापारा के लोग बिजली के इंतजार में रात जागकर ये सोच रहे हैं - मीटर स्मार्ट है, बिल स्मार्ट है, बस कनेक्शन ही थोड़ा "बिजली मित्र" वाला रह गया है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें