खुली पोल: 15 दिन से अंधेरे में डूबा पुल, 52 गड्ढों के बीच हादसे को न्योता, जिम्मेदारों की आंखें बन्द
राजिम। धर्मनगरी राजिम के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले महानदी उच्चस्तरीय पुल पर पिछले 15 दिनों से लाइटें बंद पड़ी हैं। रायपुर और गरियाबंद जिले को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल पर अंधेरा पसरा हुआ है, जिससे रात में आवाजाही करने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह पुल राजधानी रायपुर को गरियाबंद, छुरा, मैनपुर और ओडिशा से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन यहां से लाखों लोगों का आना-जाना होता है। दिन में 52 जगहों पर छोटे-बड़े गड्ढे और उखड़ी सड़क लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है, तो रात में अंधेरे के कारण खतरा और बढ़ जाता है। गड्ढों में सरिया तक बाहर निकली हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय पुल पर स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। अंधेरे में गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
आश्चर्य की बात यह है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का इसी पुल से रोज आना-जाना होता है, फिर भी 15 दिनों से बंद पड़ी लाइटों की किसी ने सुध नहीं ली है। न तो पीडब्ल्यूडी विभाग और न ही नगर प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया है।
लोगों में आक्रोश है कि क्या शासन-प्रशासन अंधेरे पुल पर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? श्रद्धालुओं और आम नागरिकों ने मांग की है कि महानदी पुल की लाइटों को तत्काल चालू कर गड्ढों की मरम्मत की जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके।
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