शिक्षा के नाम पर छलावा! रुवाड़ में भवन नहीं तो पढ़ाई नहीं, कलेक्टर के लिखित आश्वासन तक हड़ताल
गरियाबंद, एक ओर देशभर में शिक्षा व्यवस्था की खामियां उजागर हो रही हैं और सरकारें करोड़ों का बजट पास कर रही हैं, वहीं वनांचल क्षेत्र आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। इसका जीता-जागता उदाहरण गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत रुवाड़ है। यहां स्कूल भवन की मांग को लेकर बच्चे और पालक पिछले 5 दिनों से स्कूल में तालाबंदी कर बाहर धरना दे रहे हैं।
आज 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर ग्रामीणों और बच्चों ने स्कूल के बाहर ही तिरंगा फहराकर आजादी का पर्व मनाया। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 80 वर्ष बाद भी उनके क्षेत्र में शिक्षा का स्तर नहीं सुधरा।
कई बार अधिकारियों और मंत्री तक आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक जिला कलेक्टर द्वारा उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। सवाल उठता है कि बजट की बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बीच वनांचल के ये बच्चे बड़ी अभाव में पढ़ने को मजबूर रहेंगे। शासन-प्रशासन की उदासीनता ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें