महानदी मुख्य नहर के तट पर दौड़ रहे भारीभरकंप हाइवा, नहर की सुरक्षा पर मंडराया खतरा!
सर्विस बैंक (पार) पर भारी वाहनों के संचालन से हो रहा कटाव, नहर टूटने पर आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा; धमतरी, रायपुर और बालोद बाजार जिले की सिंचाई व्यवस्था से जुड़ा है मामला
गोबरा नवापारा/अभनपुर। महानदी मुख्य नहर के तट पर भारी वाहनों (हाइवा) का संचालन नहर की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। कोंडापार से थनौद ग्राम तक महानदी मुख्य नहर के एलाइनमेंट के समानांतर पाइपलाइन के माध्यम से जल प्रदाय कार्य कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा महानदी मुख्य नहर (MMC) के सर्विस बैंक पर भारी वाहनों का संचालन किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में नहर के तट को संभावित नुकसान और आसपास के गांवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नहर में तेज जल प्रवाह, तट पर भारी वाहनों की आवाजाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर के अंतर्गत कोंडापार से थनौद तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य का संचालन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण से संबंधित है। निर्माण कार्य के दौरान महानदी मुख्य नहर के सर्विस बैंक पर हाइवा जैसे भारी वाहनों की आवाजाही से नहर के तट पर दबाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
बताया गया है कि स्थल निरीक्षण के दौरान सर्विस बैंक पर भारी वाहनों के टायरों से गहरे निशान पड़ने तथा बैंक के क्षरण की स्थिति सामने आई। वर्तमान में खरीफ सिंचाई के लिए महानदी मुख्य नहर में भारी मात्रा में पानी प्रवाहित हो रहा है। ऐसे समय में नहर के तट पर भारी वाहनों का संचालन जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।
नहर का तट क्षतिग्रस्त हुआ तो बिगड़ सकते हैं हालात
महानदी मुख्य नहर केवल एक जल निकासी मार्ग नहीं, बल्कि बड़े क्षेत्र की कृषि और सिंचाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इस नहर से धमतरी, रायपुर और बलौदाबाजार जिले के क्षेत्रों में सिंचाई होती है। ऐसे में नहर के तट की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसानों और ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
यदि भारी वाहनों की आवाजाही से सर्विस बैंक कमजोर होता है और भविष्य में कटाव या टूट-फूट की स्थिति उत्पन्न होती है, तो तेज जल प्रवाह के कारण आसपास के गांवों और कृषि भूमि में पानी फैलने का खतरा पैदा हो सकता है। इससे जन-धन की सुरक्षा के साथ फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, संभावित नुकसान की वास्तविक गंभीरता का आकलन तकनीकी निरीक्षण के बाद ही किया जा सकता है।
गश्त करने में भी विभागीय अमले को परेशानी
नहर के तट यानि सर्विस बैंक का उपयोग सिंचाई व्यवस्था की निगरानी और नियमित गश्त के लिए भी किया जाता है। भारी वाहनों की आवाजाही से रास्ते पर गहरे निशान और क्षरण होने की स्थिति में विभागीय कर्मचारियों को निरीक्षण तथा गश्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इससे नहर की नियमित निगरानी प्रभावित होने की आशंका है।
निर्माण कार्य के लिए भारी वाहनों की आवाजाही किस मार्ग से कराई जा रही है और नहर के सर्विस बैंक की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं, यह महत्वपूर्ण सवाल है।
जिम्मेदार विभाग से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग
यह मामला किसी व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, ग्रामीणों, सिंचाई व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है। ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा स्थल का तकनीकी निरीक्षण कर सर्विस बैंक की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाना आवश्यक है। साथ ही, निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों के संचालन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने तथा नहर के तट को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। यदि सर्विस बैंक पर क्षति पाई जाती है, तो समय रहते उसकी मरम्मत और सुरक्षा के उपाय किए जाने चाहिए।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और महानदी मुख्य नहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है। क्योंकि सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में नहर की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता किसानों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।
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